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तमिलनाडु में 800 साल पुराना शिव मंदिर मिला

तमिलनाडु में 800 साल पुराना शिव मंदिर मिला
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तमिलनाडु में 800 साल पुराना शिव मंदिर मिला

श्रेणीविवरण
खोजउदम्पट्टी गांव, मेलूर तालुक, तमिलनाडु में 800 वर्ष पुराने शिव मंदिर की नींव मिली।
ऐतिहासिक कालउत्तर पांड्य काल (13वीं शताब्दी ईस्वी)।
शिलालेख की तिथि1217-1218 ईस्वी मारवर्मन सुंदर पांड्य के शासनकाल के दौरान।
मंदिर का नामथेन्नवानिश्वरम, पांड्य शाही उपाधियों से जुड़ा हुआ।
प्राचीन गांव का नामअत्तुर (आधुनिक उदम्पट्टी)।
मुख्य निष्कर्ष- मंदिर के अवशेषों का पत्थर का आधार<br>- मंदिर के रखरखाव के लिए भूमि बिक्री का विवरण देने वाले तमिल शिलालेख<br>- पांड्य शासन के तहत मंदिरों की वित्तीय स्वतंत्रता
शिलालेख का विवरण- जल निकाय (नागनकुडी) और भूमि की 64 कासुओं (सिक्कों) में बिक्री।<br>- विक्रेता: अलगपेरुमल (कलावलिनाडु के सरदार)।<br>- खरीदार: नांबी पेराम्बाला कुथन उर्फ कांगेयन।<br>- मंदिर के देवता के दैनिक खर्चों के लिए उपयोग किए गए धन।
पुरातत्व दल- प्रो. पी. देवी आरिवु सेल्वम (मंदिर वास्तुकार)।<br>- सी. संतालिंगम (पुरातत्वविद्, पांड्य नाडु सेंटर फॉर हिस्टोरिकल रिसर्च)।<br>- स्थानीय अधिकारी और ग्रामीण।
महत्व- पांड्य काल में मंदिर प्रशासन, भूमि लेनदेन और कराधान का खुलासा करता है।<br>- शाही संरक्षण और दान प्रणाली की पुष्टि करता है।<br>- क्षेत्र के भाषाई और ऐतिहासिक डेटा को बढ़ाता है।
पूर्व प्रलेखन/दस्तावेज़ीकरणतमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग (1974-75) ने क्षेत्र में प्राचीन मंदिरों पर ध्यान दिया, जिनमें से अधिकांश अब खंडहर या गायब हैं।

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