आंध्र प्रदेश का प्राकृतिक खेती कार्यक्रम गुलबेंकियन पुरस्कार 2024 से सम्मानित
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कार्यक्रम का नाम | आंध्र प्रदेश कम्यूनिटी मैनेज्ड नेचुरल फार्मिंग (APCNF) |
| प्राप्त पुरस्कार | गुलबेन्कियन पुरस्कार फॉर ह्यूमैनिटी 2024 |
| पुरस्कार राशि | €1 मिलियन (डॉ. रतन लाल और SEKEM के साथ साझा) |
| घोषणा तिथि | 11 जुलाई, 2024 |
| घोषणा करने वाले | डॉ. एंजेला मर्केल, जूरी की अध्यक्ष और जर्मनी की पूर्व चांसलर |
| समारोह का स्थान | लिस्बन, पुर्तगाल |
| उपस्थित लोग | पुर्तगाल के राष्ट्रपति, सरकारी अधिकारी, वैश्विक विशेषज्ञ |
| कार्यक्रम की शुरुआत | 2016 |
| कार्यान्वयन करने वाली संस्था | रायथु साधिकार संस्था (RySS) / किसान सशक्तिकरण निगम |
| कार्यक्रम का दायरा | विश्व का सबसे बड़ा एग्रोइकोलॉजी कार्यक्रम |
| अभ्यासरत किसान | 1 मिलियन से अधिक |
| शामिल क्षेत्र | आंध्र प्रदेश में 500,000 हेक्टेयर |
| मुख्य प्रथाएँ | जैविक अवशेष, न्यूनतम जुताई, देसी बीज, फसल विविधीकरण |
| प्राथमिक लाभार्थी | छोटे किसान, मुख्य रूप से महिलाएं |
| पर्यावरणीय लाभ | मिट्टी कार्बन संचय, भूमि क्षरण का उलटना, मिट्टी के तापमान में कमी, जैव विविधता |
| सामाजिक लाभ | लागत में कमी, स्थिर उपज, आय में सुधार, स्वास्थ्य लाभ |
| प्राप्त नामांकन | १८१ (अब तक का सर्वाधिक) |
| 2024 पुरस्कार का फोकस | जलवायु से जुड़ी चुनौतियां जो व्यवस्थागत संकटों का कारण बनती हैं |

