कैबिनेट ने मॉडर्न सिंचाई के लिए ₹1,600 करोड़ की एम-सीएडब्ल्यूएम सब-स्कीम को मंजूरी दी
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | कमांड एरिया डेवलपमेंट एंड वाटर मैनेजमेंट का आधुनिकीकरण (एम-सीएडब्ल्यूएम) |
| मूल योजना | प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) |
| अनुमोदन प्राधिकार | केंद्रीय कैबिनेट, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में |
| कुल आवंटन | 1,600 करोड़ रुपये |
| अवधि | 2025-2026 |
| मुख्य उद्देश्य | नहरों/स्रोतों से खेत तक सिंचाई जल आपूर्ति नेटवर्क का आधुनिकीकरण |
| बुनियादी ढाँचे पर ध्यान | माइक्रो-सिंचाई के लिए दबावित पाइपलाइन प्रणाली की स्थापना |
| लक्षित सिंचाई | प्रति किसान 1 हेक्टेयर तक |
| प्रौद्योगिकी एकीकरण | SCADA प्रणाली और IoT का जल लेखा प्रबंधन में उपयोग |
| पायलट दृष्टिकोण | विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में पायलट परियोजनाओं के माध्यम से क्रियान्वयन |
| वित्त पोषण मॉडल | राज्यों की भागीदारी और नवाचार को प्रोत्साहित करने हेतु चैलेंज फंडिंग |
| सामुदायिक भागीदारी | जल उपयोगकर्ता समितियों (WUS) को सिंचाई प्रबंधन हस्तांतरण (IMT) |
| WUS को समर्थन | FPOs और PACS के साथ पाँच वर्षों तक संबंध स्थापित करना |
| युवा भागीदारी | आधुनिक कृषि तकनीकों में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहन |
| भविष्य का विस्तार | सीख को आधार बनाकर अप्रैल 2026 से CADWM के राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत |

