मुख्यमंत्री की 'पं. दीनदयाल उपाध्याय गरीब मुक्त गांव योजना'
| मुख्य घटना/मुख्य आकर्षण | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | पंडित दीनदयाल उपाध्याय गरीब कल्याण योजना |
| उद्देश्य | गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) परिवारों को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें गरीबी रेखा से ऊपर उठाना |
| कार्यान्वयन चरण | पहला चरण: प्रति जिला 122 गांव (कुल 5,002 गांव) |
| जिला कलेक्टर की भूमिका | सामाजिक और आर्थिक मानकों के आधार पर समय पर सर्वेक्षण पूरा करना सुनिश्चित करना |
| वित्तीय सहायता | पहचाने गए परिवारों को ₹21,000 की वित्तीय सहायता और एक आत्मनिर्भरता कार्ड प्राप्त होगा |

