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रेलवे में बहुभाषी AI समाधान के लिए समझौता

रेलवे में बहुभाषी AI समाधान के लिए समझौता
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रेलवे में बहुभाषी AI समाधान के लिए समझौता

मुख्य पहलूविवरण
घटनाडीआईबीडी और क्रिस के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर
उद्देश्यभाषाई समावेशन (linguistic inclusion) को बढ़ावा देना और एआई-आधारित डिजिटल परिवर्तन को प्रोत्साहित करना
शामिल निकायडिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डीआईबीडी) और सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (क्रिस)
स्थानसमझौता ज्ञापन पर नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए गए
हस्ताक्षरकर्ताश्री अमिताभ नाग, सीईओ, भाषिणी, और श्री जी.वी.एल. सत्य कुमार, प्रबंध निदेशक, क्रिस
लक्ष्यभारतीय रेलवे की डिजिटल सेवाओं में बहुभाषी एआई समाधानों को डिजाइन, विकसित और कार्यान्वित करना
मुख्य प्लेटफॉर्मनेशनल ट्रेन एन्क्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) और रेल मदद
समर्थित भाषाएं22 भारतीय भाषाएं
एकीकृत प्रौद्योगिकियाँ- ऑटोमैटिक स्पीच रिकॉग्निशन (एएसआर) (स्वचालित वाक् पहचान)<br>- टेक्स्ट-टू-टेक्स्ट ट्रांसलेशन (पाठ से पाठ अनुवाद)<br>- टेक्स्ट-टू-स्पीच (टीटीएस) (पाठ से वाक्)<br>- ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन (ओसीआर) (अक्षरों की पहचान)
कार्यान्वयन रणनीति- बहुभाषी चैटबॉट और वॉयस असिस्टेंट (ध्वनि सहायक)<br>- ओवर-द-काउंटर डिजिटल इंटरफेस (डिजिटल संपर्क)<br>- इंफ्रास्ट्रक्चर स्केलिंग (बुनियादी ढांचे का विस्तार)<br>- प्लेटफॉर्म इंटीग्रेशन (मंचों का एकीकरण)<br>- रियल-टाइम स्पीच-बेस्ड इंटरैक्शन (वास्तविक समय में भाषण-आधारित बातचीत)
पायलट गतिविधियाँचयनित क्षेत्रों में संयुक्त तकनीकी कार्यशालाएं और पायलट तैनाती
विजन अलाइनमेंट (दृष्टि संरेखण)डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के साथ संरेखण और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देना

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