भारत-बर्मा पैंगोलिन: ZSI द्वारा खोजी गई नई प्रजाति
| सारांश/स्थैतिक | विवरण |
|---|---|
| समाचार में क्यों? | ZSI वैज्ञानिकों द्वारा नई इंडो-बर्मीज पैंगोलिन प्रजाति की खोज |
| प्रजाति का नाम | इंडो-बर्मीज पैंगोलिन (मैनिस इंडोबर्मानिका) |
| विचलन | चीनी पैंगोलिन (मैनिस पेंटाडैक्टाइला) से लगभग 3.4 मिलियन वर्ष पहले अलग हुई |
| विकासवादी प्रभाव | प्लायोसीन और प्लीस्टोसीन युग के दौरान जलवायु और भूगर्भीय परिवर्तन |
| आनुवंशिक दूरी | 0.038 (स्पष्ट आनुवंशिक दूरी जो इसे एक अलग प्रजाति साबित करती है) |
| बारकोड गैप | 3.8% (इसकी एक अनोखी प्रजाति होने की पुष्टि करता है) |
| वर्तमान वितरण | अरुणाचल प्रदेश, असम, नेपाल, भूटान, म्यांमार |
| संरक्षण स्थिति | अवैध शिकार, आवास नुकसान और क्षेत्र-विशिष्ट संरक्षण प्रयासों की तत्काल आवश्यकता के कारण संकटग्रस्त |
| मुख्य योगदानकर्ता | मुकेश ठाकुर (ZSI), लेंरिक कोंचोक वांगमो (कलकत्ता विश्वविद्यालय) |
| प्रकाशन | इंडो-बर्मीज पैंगोलिन (मैनिस इंडोबर्मानिका): एशिया में विकसित पैंगोलिन की एक नई वंशावली प्रजाति |
| वैश्विक महत्व | पैंगोलिन दुनिया में सबसे अधिक तस्करी किए जाने वाले जंगली स्तनधारी हैं, जो प्रजाति-विशिष्ट कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर देते हैं |

