भारत की पहली महिला सुप्रीम कोर्ट जज: एम. फातिमा बीवी
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| नाम | एम. फातिमा बीवी |
| जन्म | 30 अप्रैल, 1927 |
| जन्म स्थान | पथानमथिट्टा, केरल |
| शिक्षा | कैथोलिकेट हाई स्कूल, यूनिवर्सिटी कॉलेज (साइंस), गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, तिरुवनंतपुरम |
| कानूनी करियर की शुरुआत | 1950 में वकील के रूप में पंजीकृत |
| न्यायिक भूमिकाएँ | मुंसिफ (1958), अधीनस्थ न्यायाधीश (1968), मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (1972), जिला व सत्र न्यायाधीश (1974), आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल के न्यायिक सदस्य (1980), केरल उच्च न्यायालय के न्यायाधीश (1983) |
| ऐतिहासिक नियुक्ति | 6 अक्टूबर, 1989 को भारत के सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश बनीं |
| उल्लेखनीय फैसले | अनुसूचित जाति और कमजोर वर्ग कल्याण संघ बनाम कर्नाटक राज्य, असम सिलीमैनाइट लिमिटेड बनाम भारत सरकार |
| सेवानिवृत्ति के बाद के पद | राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य, तमिलनाडु के राज्यपाल (1997-2001) |
| विरासत | भारत की उच्च न्यायपालिका में पहली मुस्लिम महिला, लैंगिक समानता की पैरवी करने वाली |

