गेवरा कोयला खदान: एशिया की सबसे बड़ी खदान
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| संस्था | दक्षिण पूर्वी कोयला क्षेत्र लिमिटेड (एसईसीएल) |
| स्थान | गेवरा खदान, छत्तीसगढ़, भारत |
| वर्तमान उत्पादन | 52.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (2022-23) |
| विस्तारित उत्पादन | 70 मिलियन टन प्रति वर्ष (पर्यावरणीय मंजूरी के बाद) |
| पर्यावरणीय मंजूरी | पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) द्वारा कोयला मंत्रालय के साथ समन्वय में दी गई |
| मुख्य व्यक्ति | श्री प्रेम सागर मिश्रा, एसईसीएल के सीएमडी |
| खदान का आकार | 10 किमी लंबाई, 4 किमी चौड़ाई |
| खनन प्रौद्योगिकियाँ | सरफेस माइनर, रिपर माइनिंग, एचईएमएम (42 क्यूबिक मीटर फावड़े, 240-टन डम्पर) |
| फर्स्ट-माइल कनेक्टिविटी | कन्वेयर बेल्ट, साइलो, रैपिड लोडिंग सिस्टम |
| महत्व | एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान बनने की दिशा में उन्नत |

