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वैश्विक शांति सूचकांक 2025: मुख्य रुझान और रैंकिंग

वैश्विक शांति सूचकांक 2025: मुख्य रुझान और रैंकिंग
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वैश्विक शांति सूचकांक 2025: मुख्य रुझान और रैंकिंग

पहलूविवरण
वैश्विक शांति सूचकांक (GPI)19वां संस्करण (2025), 163 देशों में शांति का मापन (वैश्विक जनसंख्या का 99.7%)।
प्रकाशकइंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP), सिडनी स्थित थिंक टैंक।
मुख्य क्षेत्रसामाजिक सुरक्षा और संरक्षा, चल रहे संघर्ष, सैन्यकरण
शीर्ष रैंक वाला देशआइसलैंड (रैंक 1, स्कोर: 1.095)।
भारत की रैंक115वां (स्कोर: 2.229), 2024 से 0.58% सुधार।
वैश्विक शांति का रुझान0.36% की गिरावट, 87 देशों की स्थिति बिगड़ी, 74 में सुधार
सबसे निचले रैंक वाला देशरूस (रैंक 163, स्कोर: 3.441)।
सबसे खराब क्षेत्रदक्षिण एशिया, शांति में सबसे बड़ी गिरावट।
हिंसा की आर्थिक लागत19.97 ट्रिलियन डॉलर (वैश्विक जीडीपी का 11.6%)।
सबसे ज्यादा बिगड़ने वाला संकेतकबाहरी संघर्ष जिनमें लड़ा गया
सबसे ज्यादा सुधरने वाला संकेतकअपराध की धारणाएं
सक्रिय संघर्ष59 राज्य-आधारित संघर्ष, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे अधिक।
बढ़ता सैन्यकरण84 देशों ने जीडीपी के प्रतिशत के रूप में सैन्य खर्च बढ़ाया।
शीर्ष 10 शांतिपूर्ण देशआइसलैंड, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रिया, स्विट्जरलैंड, सिंगापुर, पुर्तगाल, डेनमार्क, स्लोवेनिया, फ़िनलैंड।
सबसे कम शांतिपूर्ण देशरूस, यूक्रेन, सूडान, डीआरसी, यमन।
भारत का क्षेत्रीय संदर्भदक्षिण एशिया में अपने पड़ोसियों से बेहतर प्रदर्शन, आंतरिक और सीमा तनावों के बावजूद।
क्षेत्रीय विश्लेषणयूरोप: क्रमिक गिरावट; MENA (मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका): सबसे कम शांतिपूर्ण; दक्षिण एशिया: सबसे बड़ी गिरावट; एशिया-प्रशांत: मिश्रित; उप-सहारा अफ्रीका: संघर्षग्रस्त; दक्षिण अमेरिका: सुधार; उत्तरी अमेरिका: आग्नेयास्त्र हिंसा और ध्रुवीकरण।

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