भारत में एशिया पैसिफिक सिविल एविएशन मंत्रिस्तरीय सम्मेलन
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| आयोजन | द्वितीय एशिया प्रशांत मंत्रिस्तरीय विमानन सम्मेलन |
| तारीख | 11 और 12 सितंबर, 2024 |
| स्थान | नई दिल्ली, भारत |
| आयोजक | भारत सरकार और अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) एशिया प्रशांत |
| प्रतिभागी | लगभग 40 देशों के प्रतिनिधि, जिनमें चीन, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, वियतनाम, इंडोनेशिया, उत्तर कोरिया और जापान शामिल हैं |
| महत्व | एशिया प्रशांत क्षेत्र ने 2023 में वैश्विक उड़ानों के 33% से अधिक का योगदान दिया। भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ विमानन बाजार है और घरेलू खंड में तीसरा सबसे बड़ा बाजार है। |
| प्रमुख आंकड़े | - भारत में वार्षिक यात्री यातायात 25 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। <br> - भारत में विमानों की संख्या पिछले एक दशक में 400 से बढ़कर 800 से अधिक हो गई है। <br> - भारत में हवाई अड्डों की संख्या इसी अवधि में 74 से बढ़कर 157 हो गई है। |
| पहला सम्मेलन | पहला सम्मेलन 2018 में बीजिंग में आयोजित किया गया था। |
| भारतीय प्रतिनिधि | नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू, राज्य मंत्री (नागरिक उड्डयन) मुरलीधर मोहोल, नागरिक उड्डयन सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम, DGCA प्रमुख विक्रम देव दत्त |
| फोकस | विमानन में स्थिरता, पहुंच और सामर्थ्य |

