भारत ने हरित हाइड्रोजन प्रमाणन योजना शुरू की
| मुख्य घटना/विशेषताएँ | विवरण |
|---|---|
| घटना की तारीख | 29 अप्रैल 2025 |
| आयोजक | नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) |
| कार्यक्रम का नाम | "ग्रीन हाइड्रोजन आपूर्ति श्रृंखला में MSMEs के लिए अवसर" पर राष्ट्रीय कार्यशाला । |
| स्थान | नई दिल्ली |
| मुख्य लॉन्च | केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा भारत की ग्रीन हाइड्रोजन प्रमाणन योजना (GHCI) का शुभारंभ |
| GHCI का उद्देश्य | ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन के लिए पारदर्शिता, पता लगाने की क्षमता और बाजार विश्वसनीयता सुनिश्चित करना |
| संरेखण | भारत के राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (NGHM) लक्ष्यों का समर्थन करता है |
| भागीदार | 300 से अधिक प्रतिनिधि, जिनमें MSMEs, नीति निर्माता, तकनीकी प्रदाता, उद्योग संघ, अंतर्राष्ट्रीय भागीदार शामिल हैं |
| तकनीकी सत्र | प्रौद्योगिकी सहयोग, व्यावसायिक अवसर, बायोमास के माध्यम से विकेंद्रीकृत हाइड्रोजन उत्पादन, निवेश को उत्प्रेरित करना |
| जोखिम कम करने के उपकरण | MSMEs के लिए मिश्रित वित्तपोषण (Blended finance), ग्रीन क्रेडिट लाइन |
| MSME की भूमिका | घटक निर्माण, O&M सेवाएं, ग्रामीण हाइड्रोजन उत्पादन, और ग्रीन हाइड्रोजन क्लस्टर बनाने में रुचि |
| मुख्य आवश्यकताएं | मानकीकृत प्रोटोकॉल (protocols), साझा आरएंडडी प्लेटफॉर्म, दीर्घकालिक नीति स्थिरता |

