जम्मू-कश्मीर में भारत और पाकिस्तान की ब्रिगेडियर-स्तरीय बैठक
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | जम्मू और कश्मीर में ब्रिगेड कमांडर-स्तर की फ्लैग मीटिंग |
| स्थान | पुंछ में चक्कां-दा-बाग़ |
| उद्देश्य | नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव कम करना |
| मुख्य चर्चाएँ | युद्धविराम उल्लंघन, घुसपैठ और सीमा प्रबंधन |
| युद्धविराम समझौता | 25 फरवरी 2021 को नवीनीकृत |
| हाल की घटना | 1 अप्रैल 2025 को कृष्णा घाटी सेक्टर में सीमा पार से गोलीबारी और घुसपैठ का प्रयास |
| घटना का परिणाम | भारतीय सैनिकों द्वारा घुसपैठ का प्रयास विफल, जिसके परिणामस्वरूप युद्धविराम का उल्लंघन हुआ |
| चिंताएँ | इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का उपयोग और हाल ही में आतंकवादी घुसपैठ के प्रयास |
| सीमा स्थिरता | 2021 युद्धविराम समझौते के बावजूद खराब होती सीमा स्थिरता पर चिंताएँ |
| बातचीत का महत्व | दोनों सेनाओं ने बातचीत और युद्धविराम के पालन के महत्व को दोहराया |
| नियंत्रण रेखा (LoC) | संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1948 में प्रस्तावित युद्धविराम रेखा से बनी |
| पदनाम | 1972 में शिमला समझौते के बाद LoC के रूप में नामित |
| सीमांकन | सियाचिन ग्लेशियर (पॉइंट NJ9842) तक |
| कानूनी वैधता | दोनों सेनाओं के डीजीएमओ द्वारा हस्ताक्षरित मानचित्र पर चित्रित |

