भारत का अंतरिक्ष स्टेशन और गगनयान विस्तार
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मंजूरी | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के पहले मॉड्यूल को मंजूरी दी। |
| जिम्मेदार एजेंसी | इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन)। |
| उद्देश्य | 2035 तक भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करना। |
| वर्तमान चरण | संकल्पना चरण - वास्तुकला, मॉड्यूल आदि का अध्ययन। |
| गगनयान के साथ एकीकरण | गगनयान के दायरे को BAS के विकास में शामिल किया गया। एक अतिरिक्त मानवरहित मिशन जोड़ा गया। |
| गगनयान कार्यक्रम | दिसंबर 2018 में मंजूर, इसका उद्देश्य लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में मानव अंतरिक्ष उड़ान है। इसरो द्वारा नेतृत्व और उद्योग एवं शिक्षा जगत के सहयोग से चलाया जा रहा है। |
| मिशन | 2026 तक गगनयान के 4 मिशन। 2028 तक BAS प्रौद्योगिकी सत्यापन के लिए 4 अतिरिक्त मिशन। |
| बजट | गगनयान और BAS के लिए 20,193 करोड़ रुपये मंजूर। |
| समय सीमा | 2029 तक BAS-1 का पूरा होना। |
| महत्व | मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए तकनीकी क्षमता, माइक्रोग्रैविटी शोध, आर्थिक गतिविधि और रोजगार सृजन। |
| वैश्विक संदर्भ | अमेरिका, रूस और चीन के पास पहले से ही स्वतंत्र अंतरिक्ष स्टेशन हैं। |

