कंवर झील: एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की ऑक्सबो झील को बचाने की लड़ाई
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| चर्चा में क्यों? | कंवर झील, एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की ऑक्सबो झील और बिहार की एकमात्र रामसर साइट, विलुप्त हो रही है। |
| झील का प्रकार | गंडक नदी के मोड़ के कारण बनी ऑक्सबो झील। |
| स्थान | भारत-गंगा के मैदान, उत्तरी बिहार। |
| अन्य नाम | कबरताल झील। |
| गठन | गंडक नदी के किनारे अवनयन और अवसाद जमाव के कारण बनी। |
| मुख्य विशेषताएं | - अर्धचंद्राकार झील। <br> - मध्य एशियाई फ्लाईवे का महत्वपूर्ण ठहराव स्थल। <br> - 58 प्रवासी जलपक्षी और 50 से अधिक मछली प्रजातियों का घर। <br> - तीन गिद्ध और दो जलपक्षियों सहित पांच गंभीर रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों का आवास। |
| खतरे | - अतिक्रमण और अनियंत्रित भूमि विस्तार। <br> - बूढ़ी गंडक नदी के किनारे बांध बनाने से पानी का प्रवेश अवरुद्ध। <br> - जल प्रबंधन गतिविधियाँ जैसे जल निकासी, जल उपयोग, बांध निर्माण और नहरीकरण। |
| संभावना | सरकारी संरक्षण पहलों से इसका पूर्व वैभव लौटाया जा सकता है और पर्यटन व स्थानीय रोजगार को बढ़ावा दिया जा सकता है। |

