राष्ट्रपति भवन के हॉल्स का नामकरण: भारतीय संस्कृति का प्रतिबिम्ब
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन के दो हॉलों का नाम बदला। |
| हॉल 1: गणतंत्र मंडप | - पूर्व नाम: दरबार हॉल<br>- औपनिवेशिक विरासत: ब्रिटिश शासन के दौरान दरबार और सभाओं के लिए फारसी मूल का शब्द।<br>- ऐतिहासिक उपयोग: नेहरू के शपथ ग्रहण जैसे समारोह आयोजित किए गए।<br>- तर्क: भारत के गणतंत्र (गणतंत्र) में परिवर्तन को दर्शाना। |
| हॉल 2: अशोक मंडप | - पूर्व नाम: अशोक हॉल<br>- मूल उपयोग: ब्रिटिश कालीन बॉलरूम।<br>- तर्क: अशोक शांति, एकता और सांस्कृतिक महत्व (सम्राट अशोक, राष्ट्रीय प्रतीक, अशोक वृक्ष) का प्रतीक है। |
| सांस्कृतिक महत्व | राष्ट्रपति भवन में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करने का प्रयास। |
| सुलभता | राष्ट्रपति भवन को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने के प्रयास। |
| ऐतिहासिक विकास | - निर्माण: 1912-29 में वायसराय हाउस के रूप में बनाया गया।<br>- स्वतंत्रता के बाद: राष्ट्रपति का निवास स्थान बना। |
| हालिया परिवर्तन | स्वतंत्रता के 75 वर्ष मनाने के लिए 2023 में मुगल गार्डन का नाम अमृत उद्यान रखा गया। |

