| राजस्थान रोजगार नीति-2025 | प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, अपरेंटिसशिप और रोजगार योजनाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर प्रदान करने का उद्देश्य। |
| विवेकानंद रोजगार सहायता कोष | रोजगार नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ₹500 करोड़ का कोष स्थापित किया गया। |
| सरकारी नौकरियों की भर्ती | आगामी वर्ष में सरकारी विभागों और राज्य उद्यमों में 1.25 लाख रिक्तियों को भरा जाएगा। |
| निजी क्षेत्र में रोजगार | जॉब फेयर, कैंपस इंटरव्यू और नए निवेश में स्थानीय युवाओं के रोजगार के लिए प्रोत्साहन के माध्यम से 1.5 लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार दिया जाएगा। |
| स्टार्टअप्स और रोजगार | राज्य में 5,000 से अधिक स्टार्टअप्स, जिनमें 36,000 युवा जुड़े हैं। I-Start Fund और Fund of Funds के माध्यम से फंडिंग के साथ 1,500 नए स्टार्टअप्स स्थापित करने की योजना। |
| I-Start सुविधा डेस्क | हैदराबाद, बैंगलोर, दिल्ली और मुंबई में स्टार्टअप्स के लिए नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए स्थापित किए जाएंगे। |
| उन्नत कौशल और करियर परामर्श केंद्र | उद्योग साझेदारी के साथ हर डिवीजन में स्थापित किए जाएंगे ताकि युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा सके। |
| कौशल विकास | 50,000 युवाओं को रोजगार के अवसरों के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। |
| विश्वकर्मा कौशल संस्थान, कोटा | ₹150 करोड़ की लागत से स्थापित किया जाएगा। |
| नए शैक्षणिक संस्थान | 7,508 नए आईटीआई, 3 नए पॉलिटेक्निक कॉलेज, 11 नए कॉलेज, 9 महिला कॉलेज और 2 कृषि कॉलेज खोले जाएंगे। |
| सीसीटीवी स्थापना | 15,000 स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। |
| ओपन जिम और खेल मैदान | 5,000 से अधिक जनसंख्या वाले ग्राम पंचायतों में विकसित किए जाएंगे। |
| पारंपरिक खेलों का प्रचार | मलखंब, खो-खो, थांग-ता, रस्साकश और कबड्डी जैसे आयोजन मेलों में कराए जाएंगे ताकि खेल पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। |
| पुरस्कार विजेता कोचों के लिए भूमि आवंटन | द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोचों को भूमि आवंटित की जाएगी और तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों में खेल कोटा प्रावधानित किया जाएगा। |
| नशा मुक्त राजस्थान पहल | चरणबद्ध तरीके से सभी विश्वविद्यालयों में "नई किरण" नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे। |