| बजट का प्रकार | हरित बजट |
| मुख्य फोकस क्षेत्र | जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, वन और पर्यावरण, टिकाऊ कृषि, हरित ऊर्जा, आदि। |
| जलवायु अनुकूलन योजना | 5 वर्षीय योजना, वर्ष 2030 तक लागू |
| उत्कृष्टता केंद्र | जलवायु परिवर्तन के लिए 150 करोड़ रुपये की लागत से |
| कार्यान्वित नीतियां | वन के बाहर वृक्ष (ToFR) नीति, कृषि-वानिकी नीति |
| घड़ियाल पालन केंद्र | सवाई माधोपुर में स्थापित किए जाएंगे |
| राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन | 2.50 लाख किसानों को सब्सिडी |
| जैविक खेती | 1 लाख किसानों को बायो एजेंट और बायोपेस्टीसाइड से लाभ |
| किसानों के लिए प्रोत्साहन | छोटे/सीमांत किसानों के लिए 30,000 रुपये का प्रोत्साहन, बायोगैस संयंत्रों पर सब्सिडी |
| जल आत्मनिर्भरता अभियान 2.0 | 4,700+ गांवों में जल संचयन के लिए 2,700 करोड़ रुपये आवंटित |
| राजस्थान @2047 | जीआईएस-आधारित हरित भूमि उपयोग परिप्रेक्ष्य योजना |
| सोलर दीदी पहल | 25,000 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, सौर उपकरणों के उपयोग के लिए नया मानदेय |
| पीएचईडी के लिए सौर ऊर्जा | पंपिंग स्टेशनों को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के माध्यम से जोड़ा जाएगा |
| सर्कुलर इकोनॉमी प्रोत्साहन | राजस्थान सर्कुलर इकोनॉमी इंसेंटिव स्कीम-2025, अनुसंधान एवं विकास के लिए 2 करोड़ रुपये |
| एमएसएमई और स्टार्टअप | सर्कुलर इकोनॉमी पहलों के लिए अतिरिक्त 0.5% ऋण छूट |
| वाहन स्क्रैप नीति | राज्यव्यापी कार्यान्वित |
| वेस्ट टू वेल्थ पार्क | सभी जिला मुख्यालयों में स्थापित किए जाएंगे, ग्राम पंचायतों में बर्तन बैंक |
| क्लीन टेक डेवलपमेंट सेंटर | स्थापना के लिए 250 करोड़ रुपये |
| स्वच्छ और हरित पारिस्थितिक शहर | अगले 3 वर्षों में विकास के लिए 900 करोड़ रुपये आवंटित |
| एसडीजी समन्वय केंद्र | सतत विकास लक्ष्य समन्वय और त्वरण केंद्र (SDGCAC) |
| ग्रीन क्रेडिट मैकेनिज्म | कार्बन क्रेडिट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा |
| ग्रीन अरावली परियोजना | विकास के लिए 250 करोड़ रुपये आवंटित |