सैटश्योर और ध्रुव स्पेस ने भारत की पृथ्वी পর্যবেক্ষণ क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| घटना | समझौता ज्ञापन (MoU) पर SatSure और Dhruva Space के बीच हस्ताक्षर |
| दिनांक | जून 2025 |
| शामिल संगठन | SatSure (बेंगलुरु स्थित पृथ्वी अवलोकन फर्म) और Dhruva Space (हैदराबाद स्थित अंतरिक्ष समाधान प्रदाता) |
| उद्देश्य | भारत की संप्रभु अंतरिक्ष-आधारित अवलोकन क्षमताओं को बढ़ावा देना |
| मुख्य उद्देश्य | - एक लंबवत एकीकृत, स्वदेशी अंतरिक्ष इकोसिस्टम बनाना |
| - पेलोड विकास से लेकर डेटा एनालिटिक्स तक एंड-टू-एंड ईओ समाधान प्रदान करना | |
| - कृषि, रक्षा और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों के लिए मिशन समयसीमा को गति देना | |
| - स्वदेशी तकनीकों के साथ रणनीतिक और वाणिज्यिक ग्राहकों की सेवा करना | |
| योगदान | - SatSure: उच्च-रिज़ॉल्यूशन ऑप्टिकल और मल्टीस्पेक्ट्रल पेलोड की पेशकश करते हुए KaleidEO लाता है |
| - Dhruva Space: छोटे उपग्रह प्लेटफार्मों, सिस्टम इंटीग्रेशन, लॉन्च सेवाओं और ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में विशेषज्ञता प्रदान करता | |
| सुविधा | Dhruva Space हैदराबाद में 500 किलोग्राम तक के उपग्रहों के लिए भारत की पहली 280,000 वर्ग फुट की अंतरिक्ष यान निर्माण सुविधा का निर्माण कर रहा है। |
| महत्व | - भारत के अंतरिक्ष औद्योगिक आधार को मजबूत करता है |
| - विदेशी निर्भरता को कम करके आत्मनिर्भर भारत पहल का समर्थन करता है | |
| - उन्नत उपग्रह अवलोकन सेवाओं तक वैश्विक पहुंच बढ़ाता है |

