स्टैंड-अप इंडिया योजना के सात वर्ष: वंचित उद्यमियों को सशक्त बनाना
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | स्टैंड-अप इंडिया योजना |
| लॉन्च तिथि | 5 अप्रैल 2016 (आजादी का अमृत महोत्सव के तहत) |
| मंत्रालय | वित्त मंत्रालय |
| लक्षित समूह | अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और महिला उद्यमी |
| उद्देश्य | वंचित समूहों को सशक्त बनाने के लिए नए उद्यम शुरू करने हेतु बैंक ऋण प्रदान करना |
| कुल स्वीकृत ऋण | 61,020.41 करोड़ रुपये (17 मार्च 2025 तक) |
| SC ऋण खाते | 9,399 से बढ़कर 46,248; ऋण राशि 1,826.21 करोड़ से 9,747.11 करोड़ रुपये |
| ST ऋण खाते | 2,841 से बढ़कर 15,228; ऋण राशि 574.65 करोड़ से 3,244.07 करोड़ रुपये |
| महिला उद्यमी | ऋण खाते 55,644 से बढ़कर 1,90,844; ऋण राशि 12,452.37 करोड़ से 43,984.10 करोड़ रुपये |
| मुख्य उपलब्धि | ऋण वितरण में उल्लेखनीय वृद्धि, जो योजना के प्रसार और प्रभाव को दर्शाता है |
| प्रभाव | रोजगार सृजन, समावेशी आर्थिक विकास, और वंचित समूहों का सशक्तिकरण |

