शाहपुर-कांडी बैराज पूर्ण: जल प्रबंधन में मील का पत्थर
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| परियोजना का नाम | शाहपुर-कंडी बैराज |
| स्थान | रावी नदी, भारत |
| प्रभावित क्षेत्र | कठुआ और साम्बा जिले (जम्मू और कश्मीर) |
| सिंचाई लाभ | 32,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि |
| जलविद्युत क्षमता | 206 मेगावाट |
| परियोजना का शुभारंभ | 1995 में पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव द्वारा |
| सरकारी अनुमोदन | दिसंबर 2018 |
| मुख्य चुनौती | जम्मू और कश्मीर तथा पंजाब सरकारों के बीच विवाद |
| जल अधिकार | भारत को रावी, सतलज और ब्यास नदियों पर विशेष अधिकार (1960 सिंधु जल संधि) |
| बाँधों का योगदान | रणजीत सागर बाँध, भाकड़ा बाँध, पोंग और पाण्डोह बाँध, थीन (रणजीतसागर) बाँध |
| अपेक्षित पूर्णता | 90 दिनों में बाँध की ऊँचाई प्राप्त करने की उम्मीद |

