राजस्थान सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत ₹200 करोड़ का प्रोत्साहन कोष स्थापित किया
| मुख्य पहलू | विवरण |
|---|---|
| पॉलिसी का नाम | इलेक्ट्रिक वाहन नीति |
| फंड आवंटन | ₹200 करोड़ ई-वाहन प्रोत्साहन कोष इस नीति के तहत स्थापित किया गया। |
| पात्रता मानदंड | वाहन 1 सितंबर 2022 के बाद राजस्थान में खरीदे और पंजीकृत होने चाहिए। |
| वित्तीय प्रोत्साहन | राज्य जीएसटी प्रतिपूर्ति और एकमुश्त अनुदान ई-वाहन प्रोत्साहन कोष से प्रदान किया जाता है। |
| वाहन आवश्यकताएँ | आधुनिक बैटरी तकनीक से लैस और FAME-2 दिशानिर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। |
| पंजीकरण प्रक्रिया | निर्माताओं को FAME-2 के तहत विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण करना आवश्यक है। |
| सत्यापन प्रक्रिया | वाहन का विवरण (मॉडल, बैटरी प्रकार, क्षमता) पोर्टल पर जमा करना होगा। |
| दावा प्रक्रिया | मालिकों को वाहन का पंजीकरण संख्या और चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंक दर्ज करने होंगे। |
| ओटीपी सत्यापन | मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर सत्यापन किया जाएगा। |
| सीधा हस्तांतरण | अनुदान राशि सीधे मालिक के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। |
| श्रेणी-वार सीमा | प्रोत्साहन के लिए पात्र वाहनों की संख्या श्रेणी के अनुसार सीमित है। |
| हितधारकों की जिम्मेदारी | निर्माता, डीलर और खरीददारों को समय पर पोर्टल पंजीकरण और आवेदन सुनिश्चित करना होगा। |

