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तेलंगाना: SC उप-वर्गीकरण लागू करने वाला पहला राज्य

तेलंगाना: SC उप-वर्गीकरण लागू करने वाला पहला राज्य
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तेलंगाना: SC उप-वर्गीकरण लागू करने वाला पहला राज्य

श्रेणीविवरण
घटनातेलंगाना SC उप-वर्गीकरण लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बना।
कार्यान्वयन की तिथि14 अप्रैल, 2025 (डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की जयंती के साथ)।
विधेयकतेलंगाना अनुसूचित जातियां (आरक्षणों का युक्तिकरण) अधिनियम, 2025।
सर्वोच्च न्यायालय की स्वीकृति1 अगस्त, 2024 के फैसले में SC उप-वर्गीकरण की अनुमति दी गई।
आयोगजस्टिस शमीम अख्तर ने अक्टूबर 2024 में नियुक्त एक सदस्यीय आयोग का नेतृत्व किया।
विधायी प्रक्रियातेलंगाना विधानसभा द्वारा 18 मार्च, 2025 को अधिनियम पारित; 8 अप्रैल, 2025 को राज्यपाल की सहमति प्राप्त हुई।
कुल SC आरक्षण15% (2011 की जनगणना के आधार पर)।
उप-वर्गीकरण संरचनाSC को सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन के आधार पर 3 समूहों में विभाजित किया गया।
समूह 1- समुदाय: 15 (सबसे वंचित) <br> - जनसंख्या में हिस्सेदारी: 3.288% (~1.71 लाख) <br> - आरक्षण आवंटन: 1%.
समूह 2- समुदाय: 18 (मध्यम रूप से पिछड़ा) <br> - जनसंख्या में हिस्सेदारी: 62.74% (~34 लाख) <br> - आरक्षण आवंटन: 9%.
समूह 3- समुदाय: 26 (अपेक्षाकृत बेहतर) <br> - जनसंख्या में हिस्सेदारी: 33.963% (~17 लाख) <br> - आरक्षण आवंटन: 5%.
वर्गीकरण का आधारजनसंख्या का आकार, साक्षरता दर, रोजगार, शिक्षा तक पहुंच, वित्तीय सहायता और राजनीतिक भागीदारी।
सार्वजनिक परामर्शशमीम अख्तर आयोग को समुदायों से 8,600 से अधिक प्रतिनिधित्व प्राप्त हुए।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं- CPI विधायक कुनामनेनी संबासिवा रेड्डी: रेला समुदाय को समूह 3 में अवनत करने पर सवाल उठाया। <br> - AIMIM विधायक माजिद हुसैन: SC आरक्षण को बढ़ाकर 18% करने और 4 श्रेणियां बनाने का सुझाव दिया।
सरकारी औचित्य3 समूहों को इष्टतम बताया- 2 से असंतुलन होगा, 4 अत्यधिक होंगे।
भविष्य में विचारतेलंगाना की SC आबादी अब 17.5% है, इसलिए 2026 की जनगणना के बाद आरक्षण बढ़ाया जा सकता है।

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