केंद्रीय मंत्री ने एशिया-प्रशांत नागरिक उड्डयन सम्मेलन का उद्घाटन किया
| इवेंट | दूसरा एशिया-प्रशांत नागरिक उड्डयन मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एपीएमसी) |
|---|---|
| तारीख | 11 सितंबर |
| स्थान | भारत मंडपम, नई दिल्ली |
| उद्घाटन | केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री, श्री किंजरापु रम्मोहन नायडू |
| दृष्टि | एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अधिक जुड़ा, लचीला और मजबूत उड्डयन परिदृश्य का निर्माण करना |
| एशिया-प्रशांत उड्डयन बाजार | 2035 तक दुनिया का सबसे बड़ा उड्डयन बाजार बनने की ओर अग्रसर, जहां प्रतिवर्ष 3.5 अरब से अधिक यात्री होंगे |
| भारत का हवाई अड्डा बुनियादी ढांचा | 2014 में 74 परिचालित हवाई अड्डों से बढ़कर 2024 में 157 हो गया है, और 2047 तक इसे 350-400 तक बढ़ाने की योजना है |
| घरेलू हवाई यात्री | पिछले एक दशक में दोगुने से अधिक हो गए हैं |
| उड़ान योजना | 583 नए क्षेत्रीय मार्ग खोले गए हैं, जिससे अविकसित और गैर-सेवित क्षेत्रों तक हवाई यात्रा सुलभ हो गई है |
| जलवायु परिवर्तन लक्ष्य | ICAO का लक्ष्य 2050 तक नेट-शून्य कार्बन उत्सर्जन प्राप्त करना है |
| दिल्ली घोषणा परिणाम | एशिया-प्रशांत नागरिक उड्डयन क्षेत्र में सुरक्षा, सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाता है |
| एपीएमसी के अध्यक्ष | श्री किंजरापु रम्मोहन नायडू, जिन्हें सिंगापुर द्वारा नामित और भूटान द्वारा अनुशंसित किया गया |

